थाना पुसौर में अभिनव के बच्चों द्वारा शैक्षणिक भ्रमण कर वहाँ की कार्यप्रणाली देखा व कुछ नया सीखा।
हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए बच्चों को पुसौर थाना दिखाया गया। इस तरह थाना भ्रमण से बच्चों ने जाना पुलिस का कार्य।विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता, अनुशासन एवं पुलिस के प्रति विश्वास विकसित करने के उद्देश्य से अभिनव विद्या मंदिर, पुसौर (हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम) के नन्हे विद्यार्थियों का स्थानीय थाना परिसर में शैक्षिक भ्रमण कराया गया।
भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी (टी आई हर्ष वर्धन सिंह) एवं सहायक थाना प्रभारी कुंदन गोर, प्रधान आरक्षक अमित तिर्की और वरिष्ठ आरक्षक दिलीप सिदार, बसंत पाण्डेय, अमित तिर्की, उमाशंकर नायक, श्यामलाल महंत, चन्द्रहास नायक व पुलिस अधिकारियों ने बच्चों का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें पुलिस स्टेशन के विभिन्न कक्षों, जैसे मुख्य कमरे:
1. रिसेप्शन / सहायता कक्ष – शिकायत दर्ज कराने और जानकारी देने के लिए।
2. थाना प्रभारी (SHO) का कक्ष – थाना प्रभारी के बैठने और प्रशासनिक कार्यों के लिए।
3. मुंशी / लेखा एवं रिकॉर्ड कक्ष – एफआईआर, रोजनामचा और अन्य अभिलेख रखने के लिए।
4. जांच अधिकारी (Investigation Officer) का कक्ष – मामलों की जांच और पूछताछ के लिए।
5. पूछताछ कक्ष (Interrogation Room) – संदिग्धों या गवाहों से पूछताछ के लिए।
6. हवालात (Lock-up) – गिरफ्तार व्यक्तियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए।
7. मालखाना (Malkhana) – जब्त सामान और केस प्रॉपर्टी सुरक्षित रखने के लिए।
8. शस्त्रागार (Armoury) – हथियार और गोला-बारूद रखने के लिए।
9. कंट्रोल / वायरलेस कक्ष – वायरलेस संचार और नियंत्रण कार्य के लिए।
10. कंप्यूटर / साइबर कक्ष – ऑनलाइन रिकॉर्ड और डिजिटल कार्यों के लिए।
11. महिला सहायता कक्ष – महिलाओं से संबंधित मामलों के लिए।
12. बैठक / कॉन्फ्रेंस कक्ष – अधिकारियों की बैठक और ब्रीफिंग के लिए।
13. स्टाफ विश्राम कक्ष – पुलिस कर्मचारियों के आराम के लिए।
14. रिकॉर्ड रूम – पुराने अभिलेख और फाइलों के लिए।
15. शौचालय एवं स्नानघर – स्टाफ और आगंतुकों के लिए अलग-अलग।
16. वाहन पार्किंग एवं जब्त वाहन परिसर – सरकारी और जब्त वाहनों के लिए।
बड़े या आधुनिक थानों में इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कंट्रोल रूम, साइबर क्राइम सेल, फॉरेंसिक सहायता कक्ष, परामर्श (Counselling) कक्ष, और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष भी हो सकते हैं। अधिकारियों ने सरल भाषा में बताया कि पुलिस समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने का कार्य करती है।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पुलिस अधिकारियों से अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सहज और प्रेरणादायक ढंग से उत्तर दिया। बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने, आपातकालीन सेवाओं का सही उपयोग करने तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी गई।
विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण से बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त होता है। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं यादगार रहा।ऐसे शैक्षिक भ्रमण बच्चों को पुलिस व्यवस्था, कानून और नागरिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उक्त भ्रमण में प्राचार्य एवं संचालक अक्षय कुमार सतपथी, नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश कुमार साव, प्रधान पाठक दानर्दन नन्दे, श्रीमती सुप्रीति कसेर, कु प्रतिमा प्रधान, अभिनव सतपथी उपस्थित रहे।
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